Prajakala: విప్లవ కవి వరవరరావు ఉపన్యాసం
अपना नाम कल वियतनाम आज कश्मीर
अब तक तो इतना ही समझते थे कि ईंट का जवाब पत्थर हो सकता है आज हमारे बच्चे सिखा रहे हैं कि फौज़ का भी जवाब पत्थर हो सकता है
अब तक तो इतना ही समझते थे कि ईंट का जवाब पत्थर हो सकता है आज हमारे बच्चे सिखा रहे हैं कि फौज़ का भी जवाब पत्थर हो सकता है